जम्मू में सेना का आतंकवाद विरुद्ध अभियान तेज़, सुरक्षा स्थिति पर निगरानी जारी!
भारतीय सेना ने जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों को और तीव्र कर दिया है। यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार मिल रही अभियानों और खुफ़िया सूचनाओं के आधार पर की जा रही है, जिससे पूर्वी जम्मू व कश्मीर के कुछ हिस्सों में संभावित आतंकियों और उग्रवादी गतिविधियों को रोकने का प्रयास लगाया जा रहा है।
सेना के जवानों ने संयुक्त कार्रवाई के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में सर्च और सीज़ फ़ंक्शनों को तेज़ किया है, तथा संभावित आतंकियों के ख़िलाफ़ सघन निगरानी और रॉकेट/छिपे हुये ठिकानों की तलाशी के काम को प्राथमिकता दी जा रही है। इस प्रयास का उद्देश्य इलाके में स्थिरता बनाए रखना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आतंकियों के ठिकानों को निष्क्रिय करना बताया जा रहा है।
सेना के स्थानीय कमांडरों ने कहा है कि ऑपरेशन कानून के दायरे में और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से चलाया जा रहा है ताकि सीमा-पार आतंकवाद और उग्रवाद के खतरों को ख़त्म किया जा सके और आम लोगों के जीवन तथा जन-धारणा को सुरक्षित रखा जा सके।
सुरक्षा जांच के दौरान कुछ इलाकों में तलाशी, सघन पहरा और सुरक्षा चौकियाँ लगाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाइयाँ न सिर्फ़ आतंकियों की गतिविधियों को सीमित करने में मदद करेंगी, बल्कि स्थानीय समाज में शांति और विश्वास बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
हालाँकि, सेना और सुरक्षा बलों ने किसी भी गिरफ्तारी या ठोस इस तरह के किसी भी जवानों/सिविलियनों की चोट या हताहत की पुष्टि फिलहाल नहीं की है। वे नागरिकों से यह अपील कर रहे हैं कि वे पुलिस एवं सेना के निर्देशों का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
कुल मिलाकर जम्मू में आतंकवाद विरोधी अभियान को तेज़ किए जाने के फैसला का मक़सद क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा बलों की तत्परता और आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। यह अभियान देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाये रखने की दिशा में लिया गया एक और कदम माना जा रहा है।