भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को और मजबूत किया गया: 75% हिस्से में नई अत्याधुनिक बाड़ स्थापित
नई दिल्ली — भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को और अधिक कड़ा किया गया है, खासकर सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में। सीमा सुरक्षा बल ने वहाँ लगभग 75 प्रतिशत हिस्से में नई डिजाइन की अभेद्य बाड़ स्थापित कर दी है, जिसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
करीब 12 फीट ऊँची बाड़ को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे काटना या पार करना कठिन है, जिससे सुरक्षा बलों को किसी भी अनधिकृत कोशिश का सामना करने के लिए बेहतर समय और प्रतिक्रिया क्षमता मिलती है। इसके अलावा, सीमा की निगरानी के लिए आधुनिक पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे लगाए गए हैं, जो दिन-रात रीयल-टाइम लाइव फीड प्रदान करते हैं।
सीमा सुरक्षा बल अब केवल सीमा रेखा पर तैनात नहीं रहते, बल्कि आंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भारतीय क्षेत्र के भीतर भी तस्करी के संभावित अड्डों पर सक्रिय रूप से छापेमारी कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में मवेशी, हथियार, सोना-चांदी और वन्यजीव उत्पाद जैसे अवैध सामानों की जब्ती दर्ज की गई है। इसके साथ ही, स्थानीय संदिग्धों व बिचौलियों के परिवारों को आवैधिक गतिविधियों के कानूनी व सामाजिक परिणामों के बारे में जागरूक भी किया गया है।
मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए, अनजाने में सीमा पार कर आए बांग्लादेशी नागरिकों को उनकी पहचान व फिंगरप्रिंट रिकॉर्डिंग के बाद उनके देश की सीमा प्रहरियों को सौंपा गया है। सुरक्षा अधिकारी यह संकेत दे रहे हैं कि भविष्य में यह सुरक्षा बाड़ और अधिक विस्तृत कर 100% हिस्सों तक पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।
Disclaimer :
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार स्रोतों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी सरकारी या आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि के बिना प्रस्तुत की गई है और आगे अपडेट हो सकती है। यह किसी भी पक्ष, नीति या संगठन का समर्थन या विरोध नहीं करता