उत्तर प्रदेश में SIR का पहला चरण पूरा: मतदाता सूची में बड़े बदलाव की तैयारी!
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है, और चुनौतियाँ, बदलाव और आगे की प्रक्रिया अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगी हैं। यह कदम आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को साफ़, अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
🔹 क्या हुआ?
राज्य में SIR प्रक्रिया का पहला चरण 26 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया, जिसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) तैयार की जाएगी।
SIR की अंतिम तिथि पहले कुछ बार बढ़ाई गई थी, लेकिन अंत में इसे 26 दिसंबर पर पूरा किया गया।
🔹 नाम हटने का अनुमान
SIR के पहले चरण के बाद अनुमान है कि लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे, जो कुल मतदाताओं का करीब 18.7% है।
हटाए जाने वाले नामों में ऐसे लोग शामिल हैं जो:
स्थायी रूप से राज्य से बाहर स्थानांतरित हो चुके हैं,
दिवंगत (मृत) हैं,
दोहराए गए (डुप्लीकेट) नाम हैं,
लापता या अनुपस्थित मतदाता हैं, या
अन्य श्रेणी में आते हैं।
🔹 अगला कदम
31 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसमें अभी तक नाम शामिल होने की उम्मीद है।
इसके बाद 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जा सकेंगी।
ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर मतदाता दावे/फॉर्म-6 के माध्यम से अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
28 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो भविष्य के चुनावों के लिए आधार बनेगी।
🔹 SIR का उद्देश्य
चुनाव आयोग का कहना है कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची से:
गलत, डुप्लीकेट और निष्क्रिय प्रविष्टियों को हटाना,
वास्तविक और पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करना,
और फर्जी या अनियमित मतदाताओं की पहचान करना है।
इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
🔹 मतदाताओं के लिए सलाह
निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे:
अपनी मतदाता सूची की स्थिति समय रहते जांचें,
यदि उनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिखाई देता है तो तुरंत फॉर्म-6 या दावे/आपत्ति दर्ज करें,
और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें ताकि मताधिकार सुरक्षित रहे।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में SIR के पहले चरण का समापन एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लगभग 2.89 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की संभावना है। इससे पहले चरण के अंत में आने वाले ड्राफ्ट मतदाता रोल और आगे की दावे-आपत्ति प्रक्रिया से यह तय होगा कि अंतिम सूची कैसी होगी और यह आगामी चुनावों में किस प्रकार प्रभाव डालेगी। मतदाताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी स्थिति समय पर जांचें और यदि आवश्यक हो, तो आवेदन की प्रक्रिया में भाग लें।