उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट में आज बड़ी सुनवाई, CBI ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी!


उन्नाव रेप मामले से जुड़ी कानूनी लड़ाई देश के शीर्ष न्यायालय सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुकी है। आज (29 दिसंबर 2025) सीबीआई की याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हो रही है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसने कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया था और उन्हें जमानत दी थी।

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📌 हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती
सीबीआई का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने गलत कानूनी व्याख्या करते हुए सेंगर की सजा निलंबित कर दी थी और जमानत दी थी।

एजेंसी का कहना है कि हाई कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत “पब्लिक सर्वेंट” की परिभाषा को सही तरीके से नहीं समझा और इस आधार पर जमानत दे दी।


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CBI ने सुप्रीम कोर्ट से उस आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, दो वकीलों ने भी एक अलग याचिका दायर की है, जिसमें उसी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। 

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📊 मामला अब सुप्रीम कोर्ट में
सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों वाली पीठ — मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टाइन जोर्ज मसीह — आज इस याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं। 


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सीबीआई के पैरवी के दौरान यह मुख्य सवाल उठाया जा रहा है कि क्या हाई कोर्ट ने कानून का सही अर्थ निकाला या नहीं, और क्या सेंगर को मिलने वाली राहत न्याय संगत है।


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🧑‍⚖️ मामला क्या है?
सेंगर पर 2017 में उन्नाव में एक नाबालिग लड़की के अपहरण व बलात्कार का आरोप था, जिस पर 2019 में दिल्ली की तिस हजारी अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई थी। उसी केस के अतिरिक्त, एक अन्य मामले में उनके खिलाफ पीड़िता के पिता की मृत्यु से जुड़े हत्याकांड में भी उन्हें 10 साल की सजा दी गई थी। 

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दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर 2025 को सेंगर की आजीवन सजा को निलंबित कर उनके खिलाफ बेल (जमानत) आदेश जारी किया था, जबकि उनकी अपील विचाराधीन है। अदालत ने कुछ शर्तें भी लगाई थीं, जैसे कि वह दिल्ली में ही रहें, पीड़िता से पाँच किलोमीटर से अधिक नज़दीक न जाएं और पुलिस के साथ शर्तों का पालन करें।


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📍 प्रतिक्रिया और माहौल
इस फैसले के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए, जिसमें न्याय समूहों और महिला अधिकार संगठनों ने हाई कोर्ट के फैसले का विरोध किया।

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पीड़िता और उनके परिवार ने सुरक्षा की मांग की है और कहा है कि उच्चतम न्यायालय से न्याय की उम्मीद है। उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री से भी सुरक्षा की अपील की है।


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🔎 अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आज केन्द्रित रहेगी कि क्या हाई कोर्ट का आदेश स्थाई रखना चाहिए या उसे चुनौती के आधार पर बदला जाए। अदालत के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सेंगर को राहत दी जाएगी या उनके खिलाफ चल रही सजा बरकरार रहेगी।


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निष्कर्ष:
उन्नाव रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट आज एक अहम मुक़ाम पर खड़ा है। अदालत CBI की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जो दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देती है जिसमें दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन सजा निलंबित कर उन्हें जमानत दी गई थी। सुनवाई के परिणाम का असर न केवल इस उच्च-प्रोफ़ाइल मामले पर बल्कि न्याय प्रक्रिया और पीड़िता के अधिकारों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।